कोरोना का कहर: अमेरिका के बर्मिंघम में बसे डॉ.प्रभात मिश्र के परिजन परेशान, वीडियो कॉलिंग कर रोज कर रहे हैं बात
देवरिया में भटनी क्षेत्र के पुरनाछापर निवासी पेशे से शिक्षक पिता मुनेश्वर मिश्र के बड़े बेटे डाक्टर प्रभात मिश्र अमेरिका के अल्बामा राज्य के बर्मिघंम शहर में रहते हैं। डॉ प्रभात वहां हृदय रोग संस्थान के मेडिसीन डिपार्टमेंट में पोस्ट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्नी और बेटी भी साथ में है। अब कोरोना की बढ़ रही भयावहता से उनके परिजन काफी परेशान हैं। हालांकि डा प्रभात भटनी नगर के सुभाष इंटर कॉलेज के पास रहने वाले भाई राजीव और पिता मुनेश्वर मिश्र को वीडियो कॉल कर सांत्वना देते रहते हैं। उनका कहना है कि वे और उनका पूरा परिवार पूरी तरह से सुरक्षित है।
मोबाइल पर आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान से बातचीत में डॉ प्रभात ने बताया कि अमेरिका में भी वायरस का असर काफी तेज है। इससे निपटने के लिए किए जा रहे उपायों में सरकार के साथ ही आम आदमी भी पूरा सहयोग कर रहा है। वहां रहने वाले लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचने के लिए रोजमर्रा के जरुरत के सामानों की थोक में खरीददारी कर ली है। प्रभात के अनुसार अमेरिका में भी स्कूल कॉलेज दो सप्ताह के लिए बंद कर दिए गए हैं।
सरकार ने वहां एक वेबसाइट लांच किया है जिस पर अमेरिका के हर शहर में पाए जाने वाले मरीजों तथा उनकी स्थिति से सभी को हर पल अपडेट करने के साथ ही इससे बचाव के बारे में जानकारी दी जा रही है। डॉ प्रभात के अनुसार कोरोना वायरस को लेकर फैलाए जा रहे अफवाह पर ध्यान देने की जरुरत नहीं है। सिर्फ संक्रमित लोगों से दूरी बनाकर इससे आसानी से बचा जा सकता है।
पिता का वीजा के लिए होने वाला काउन्सलिंग हुआ निरस्त
डॉ प्रभात के पिता मुनेश्वर मिश्र ने बेटे से मिलने अमेरिका जाने के लिए वीजा का आवेदन किया था। वे मई से जुलाई 2020 के बीच वहां जाना चाहते थे। वीजा के लिए 14 मार्च को दिल्ली में काउन्सलिंग होनी थी। मुनेश्वर के दिल्ली पहुंचने पर जानकारी मिली कि काउन्सलिंग निरस्त कर दी गयी है तथा अभी किसी भी प्रकार से कोई वीजा का आवेदन स्वीकार नहीं किया जा रहा है।