पत्नी, पैसा और ‘वो के फेर में हुई रणजीत की हत्या!
हिन्दू नेता रणजीत बच्चन की हत्या की गुत्थी सुलझाने में लखनऊ के साथ ही गोरखपुर क्राइम ब्रांच भी जुटी है। पत्नी, पैसा और ‘वो के विवाद में हत्या की आशंका पर पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है। इसमें पुलिस गोरखपुर के तीन संदिग्धों को तलाश रही है। हालांकि, हिन्दू छवि वाले एंगल को पुलिस ने अभी पूरी तरह से दरकिनार नहीं किया है।
गोरखपुर के रहने वाले रणजीत बच्चन ने लखनऊ जाने के बाद अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा बढ़ा दी। पत्नी कालिंदी के साथ रणजीत ने सपा के लिए साइकिल चलाई और सत्ता के करीब पहुंचकर लखनऊ में ही अपना आडम्बर फैला लिया। गोरखपुर के पुराने सम्बंधों को सत्ता के रसूख का जलवा दिखाकर नेटवर्क तैयार किया। रणजीत का रसूख देखकर आदित्य श्रीवास्तव भी उसके साथ जुड़ गया था। आदित्य को अपनी मौसी का लड़का बताकर रणजीत उसके लिए ठेका-पट्टा भी मैनेज करता था।
रणजीत के नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस
लखनऊ पुलिस गोरखपुर से जुड़े रणजीत के सारे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। पुलिस ने उन लोगों की पूरी लिस्ट तैयार की है, जिन्होंने सत्ता के करीब रहे रणजीत से लाभ लिया और लाभ पहुंचाया। महराजगंज के भिलौटी निवासी अभिषेक व ज्योति से भी पुलिस पूछताछ कर रही है।
रणजीत से मिलने गए थे अभिषेक व ज्योति
घटना से पहले अभिषेक और ज्योति से रणजीत व आदित्य की मुलाकात हुई थी। अभिषेक और ज्योति नौकरी के सिलसिले में ही रणजीत से मिलने लखनऊ गए थे। उन्हें अगले दिन ही नोएडा जाना था। यही वजह है कि पुलिस नौकरी के नाम पर पैसे के लेन-देन को भी जांच के दायरे में रखी है।
तीसरी पत्नी पर रहस्य बरकरार
रणजीत की तीसरी पत्नी को लेकर अभी भी रहस्य बना हुआ है। कुछ करीबी लोग बच्चन की तीसरी पत्नी का दावा कर रहे हैं और हत्या में तीसरी पत्नी का एंगल भी तलाश रहे हैं। हालांकि, पहली पत्नी कालिंदी का दावा है कि तीन नहीं, सिर्फ दो पत्नी हैं। पहली वह खुद है और दूसरी स्मृति। एक साल साथ रहने के बाद स्मृति अलग रहने लगी।
गोरखपुर के पूरे नेटवर्क की तलाश
रणजीत हत्याकांड की गुत्थी गोरखपुर से ही जुड़ने की आशंका है। यही वजह है कि पुलिस गोरखपुर के तीन संदिग्धों को तलाश रही है। इसमें शाहपुर क्षेत्र का एक स्कूल प्रबंधक भी शामिल है। दूसरा शख्स भी गोरखपुर से है। वह अक्सर रणजीत के साथ दिखता था। लेकिन घटना के बाद से उसका कोई पता नहीं है। मोबाइल भी स्वीच ऑफ है। वहीं तीसरा व्यक्ति लखनऊ में सुबह उसके साथ अक्सर टहलता था, लेकिन घटना वाले दिन वह नहीं दिखा था। उसका भी मोबाइल स्वीच ऑफ है।